एक कपड़ा: शहर में एक बार फिर अतुल्य मुंगेर के युवाओं का जलवा

एक कपड़ा: शहर में एक बार फिर अतुल्य मुंगेर के युवाओं का जलवा

शहर में एक बार फिर अतुल्य मुंगेर (इनक्रेडिबल मुंगेर ) के युवाओं का जलवा दिखा । टीम इनक्रेडिबल मुंगेर ने अपनी कल्पनाशक्ति, मेहनत, और लगन से एक बार  फिर युवाओं में एक नई उम्मीद और अपने समाज की सेवा करने की इच्छाशक्ति को जगाया । मुंगेर के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है की क्रिसमस के मौके पर एक दिन में लगभग 200 जरूरतमंद परिवारों के बीच कपड़े वितरण का आयोजन किया गया।

हम सभी के घर में हमारे कुछ पुराने कपड़े रखे पड़े हैं, जिसका हम इस्तेमाल नही करते ।शहर के जरूरतमंद लोगों को पुराने कपड़े देकर हम उनकी मदद कर सकते हैं।ऐसी ही सोच के साथ” एक कपड़ा“आयोजन की पहल की गई।

 



अतुल्य मुंगेर के कार्यकर्ताओं ने इस क्रिसमस को एक अलग ही अंदाज में मनाया। टीम के सारे कार्यकर्ता लगभग एक सप्ताह पहले ही इसकी तैयारी में जुट गए थे।  “एक कपड़ा” कार्यक्रम के बैनर तले अपने आस पास के घरों से पुराने कपड़े इक्कठे किये।इसके लिए टीम ने कुछ चुनिंदा जगहों पर अपना कपड़ा संग्रह केंद्र बनाया । जैसे इलेक्ट्रॉनिक जंक्शन गुलज़ार पोखर,स्थाई आधार केंद्र माधोपुर , आंसू जनरल स्टीरे बेलन बाजार , पूर्वी टोला फर्दा,स्थाई आधार केंद्र जमालपुर इत्यादि जगहों को कपड़ा संग्रह केंद्र बनाया गया। इस कार्यक्रम का प्रचार प्रसार  अतुल्य मुंगेर के सोशल मीडिया पेज और जगह जगह बैनर लगा कर किया गया ताकि ज्यादा से ज़्यादा लोग इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सके। स्वयंसेवक की मदद से पुराने और इस्तेमाल किये हुए कपड़े को कपड़ा संग्रह केंद्र में जमा किया गया।

टीम के सदस्य पूरे जोश और जुनून के साथ कपड़े संग्रह कार्य में जुट गए।वैसे लोग जो कपड़े पहुंचाने में असमर्थ थे उनके पास जाकर स्वयंसेवकों ने कपड़े इकट्ठे किए।इस दौरान शहर के लोगो में भी समाज सेवा के प्रति एक अलग ही उत्साह देखने को मिला।जिसे देख टीम के सदस्यों को काफी मनोबल मिला। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पुराने और इस्तेमाल  हुए कपड़े  का संग्रह हुआ। शहर के लोग एक कपड़ा के प्रचार प्रसार से बहुत प्रभावित थे। लोग कपड़े दान करने के लिए कोलकाता , झाझा और धरहरा से हमारे स्वयंसेवकों को फ़ोन के जरिये संपर्क कर रहे थे।

अतुल्य मुंगेर के कार्यकर्ता सुबह लगभग 8 बजे ही पोलो मैदान पहुंच गए और सभी कपड़ों को उनके आकर प्रकार के अनुसार अलग किया।लगभग 11 बजे से हमने वितरण का कार्यक्रम शुरू किया। वहां पर हमने लगभग 150 परिवारों के बीच कपड़ो का वितरण किया फिर बस स्टैंड के पासवाले झोपड़पट्टी में और अंत मे मुंगेर रेलवे स्टेशन के पास वाले बस्ती में भी लगभग 50 परिवारों में कपड़े और चॉकलेट बांटा और फिर सोझी घाट के किनारे डॉलफिन पार्क में बच्चों के बीच चॉकलेट बांटकर उन्हें क्रिसमस की शुभकामनाएं दी।

टीम इनक्रेडिबल मुंगेर ने यह साबित कर दिया कि खुशियाँ बाटने से बढ़ती है और त्योहार का आनंद मिल जुलकर मनाने से आता है।हमारे टीम के सदस्यों के बीच इस कार्यक्रम के दौरान एक अलग ही जुनून दिखा।टीम के सदस्यों का कहना था कि अगर हम साथ है तो कोई भी काम मुश्किल  तो हो सकता पर नामुमकिन नहीं। कपड़े वितरण के दौरान जो खुशी बच्चों और बड़ो में दिखी वह कल्पना के परे है।

हमारे टीम के युवाओं में शामिल मुकेश,अमन,अमित,सुमन,हिमांशु,अंशु, सोनू,आशीष,आयुष,नीतीश,गौरव,सिदार्थ, प्रशान्त ,राजेश, आकाश,राकेश,अमर,अंकित शुभम,तथा टीम के अन्य सहयोगी सदस्यों और समर्थकों को शुक्रिया करता हूं।

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